हमीरपुर; कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ कर भारतीय किसान यूनियन ने किया विरोध प्रदर्शन
नेहा वर्मा, संपादक ।
हमीरपुर जनपद में भारतीय किसान यूनियन द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे भारतीय किसान यूनियन पदाधिकारियों ने राठ तहसील गेट पर कानून की सांकेतिक प्रतियां फाड़ कर विरोध जताया। वहीं राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
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किसान यूनियन के बुंदेलखण्ड महासचिव रामपाल सिंह चिकासी ने कहा कि 5 जून 2020 को केंद्र सरकार ने सदन में किसान विरोधी तीन कानून पारित किए थे। जिसके विरोध में भाकियू सहित विभिन्न किसान संगठन विगत छह माह से आंदोलन कर रहे हैं। अपने हक की लड़ाई में अभी तक करीब पांच सैकड़ा किसान शहीद हो चुके हैं। वहीं हजारों किसानों पर फर्जी मुकदमे लगाकर जेल में बंद कर दिया गया। जबकि राजनैतिक दलों द्वारा भीड़ जुटा कर कार्यक्रम किए जाने पर कोई पाबंदी नहीं है। न ही इनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है।
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तहसील अध्यक्ष रामप्रकाश बाबू ने कहा कि समर्थन मूल्य पर कानून न बनने के कारण आज भी किसानों को कम मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर किया जाता है। सरकारी खरीद केंद्रों पर हफ्तों इंतजार के बावजूद किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। भाकियू पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार सिंह को सौंपा। जिसमें कृषि कानूनों को वापस लेने व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में रामसनेही राजपूत, जितेंद्र, गौरव राजपूत आदि मौजूद रहे।


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