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हमीरपुर; नारी होने का अभिशाप, पति की मौत के बाद हुई बेसहारा, कर दी अपनी जिंदगी खत्म: Wife commits suicide by hanging in shock of husband’s death

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नेहा वर्मा, संपादक ।

 

पति की मौत के बाद जवान बेटी के विवाह व बेटे के भरण पोषण की जिम्मेदारी गुड्डी सोनी के कंधों पर आ गई। जो महिला कभी घर से न निकली हो वह दुखों का यह पहाड़ कहाँ से सहती। कोई उम्मीद सामने नहीं थी। बेबसी में पति की मौत के एक माह बाद ही उसने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

 

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घटना है हमीरपुर जिले में राठ कोतवाली क्षेत्र के औंता गांव की। जहां रहने वाले दिनेश चंद्र सोनी साइकिल सुधारने का काम करते थे। राठ नगर के जलालपुर रोड पर छोटी सी दुकान किये थे। उनके हिस्से में जमीन का एक टुकड़ा भी नहीं है। किसी तरह उसी दुकान में साइकिलों की रिपेयरिंग कर अपने परिवार का पेट पालते थे। पर कहते हैं कि गरीब का भगवान भी नहीं होता।

 

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दिनेश चंद्र को कैंसर की गंभीर बीमारी ने घेर लिया। मेहनत से कमाई गयी जमा पूंजी इलाज में खर्च हो गईं। साथ ही उनके सिर कर्ज का बोझ भी लद गया। जिसके बावजूद उनकी जान नहीं बच पायीं। बीते 24 जुलाई को कैंसर से दिनेश की मौत हो गई थी। पति की मौत का दिनेश की पत्नी गुड्डी (39) को गहरा सदमा लगा। तभी से वह गुमसुम सी रहने लगीं थीं।

 

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वहीं पति की मौत के बाद जवान बेटा व बेटी की जिम्मेदारी गुड्डी के कंधों पर आ गयी। कमाई का कोई साधन नहीं बचा। कभी घर से बाहर न निकलने वाली महिला के लिए मजदूरी करना भी संभव नहीं था। दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में जवान हो गयी बेटी के हाथ पीले करने का भी कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। बेटा बाहर रह कर थोड़ा बहुत कमा रहा था, जिससे परिवार का गुजारा चलाना नामुमकिन था।

 

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इन परिस्थियों में सारे रास्ते बन्द होने पर बेबस मां ने दुनियां छोड़ने का ही निर्णय कर लिया । बुधवार सुबह करीब सात बजे गुड्डी ने घर की अटारी में पुत्री रिंकी के दुपट्टे से फांसी लगा ली। जब तक परिजनों को जानकारी हुई उनकी मौत हो चुकी थी। पिता की मौत के बाद मां के आत्महत्या करने से उनके पुत्र हरिश्चंद्र (20) व पुत्री रिंकी (18) अनाथ हो गईं हैं। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है।

 

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