सोनभद्र में लेबर कोड के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ का प्रदर्शन
Sonbhadra Labour Code Protest: भारतीय मजदूर संघ ने जिला अधिकारी कार्यालय पर लेबर कोड संशोधन, बोनस सीमा वृद्धि, ESIC पात्रता बढ़ाने और खनन श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर ज्ञापन सौंपा।
नेहा वर्मा, संपादक, विराट न्यूज नेशन।
Sonbhadra News: सोनभद्र में बुधवार को भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लेबर कोड में व्याप्त आपत्तियों को लेकर जिला अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिष्ठानों, परियोजनाओं, ग्रामीण क्षेत्रों तथा आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष दसाराम यादव ने की, जबकि मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में प्रदेश मंत्री अरुण कुमार दुबे ने श्रमिकों की समस्याओं को विस्तार से रखा।
चार लेबर कोड में संशोधन की मांग
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए चार लेबर कोड में से विशेष रूप से दो कोड—
- (औद्योगिक संबंध संहिता 2020)
- (ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड वर्किंग कंडीशन कोड 2020)
—में श्रमिक हितों से जुड़े कई बिंदु चिंताजनक हैं।
भारतीय मजदूर संघ ने मांग की कि इन कोड में व्याप्त श्रमिक विरोधी प्रावधानों का अविलंब समाधान किया जाए और आवश्यक संशोधन लागू किए जाएं।
बोनस और ईएसआईसी सीमा बढ़ाने की मांग
सभा में श्रमिकों से जुड़े आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन की ओर से निम्न मांगें रखी गईं:
- बोनस गणना के लिए बेसिक वेतन ₹7000 से बढ़ाया जाए
- बोनस पात्रता सीमा ₹21000 से अधिक की जाए
- (ESIC) की पात्रता सीमा ₹21000 से बढ़ाकर ₹42000 की जाए
वक्ताओं ने कहा कि महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए वर्तमान सीमाएं अपर्याप्त हैं।
सोनभद्र में खनन क्षेत्र की गंभीर स्थिति
स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सोनभद्र के खनन क्षेत्र में कार्यरत संविदा श्रमिकों के वेतन, भत्तों, वेलफेयर और सामाजिक सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि:
- सुरक्षा नियमों में व्यापक लापरवाही बरती जा रही है
- श्रमिकों की जान जोखिम में डालकर खनन कार्य कराया जा रहा है
- हाल में हुई खान दुर्घटना के बाद भी ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए
- जिला खनन विभाग और खान सुरक्षा निदेशालय पर कार्रवाई के बजाय मिलीभगत के आरोप
वक्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।
अच्छे प्रावधानों का समर्थन, चिंताजनक बिंदुओं में संशोधन
सभा में यह स्पष्ट किया गया कि भारतीय मजदूर संघ लेबर कोड के सकारात्मक बिंदुओं का समर्थन करता है। हालांकि, श्रमिक हितों के विपरीत प्रावधानों में संशोधन आवश्यक है।
संबंधित प्रतिष्ठानों के सचिवों और अध्यक्षों ने भी अपने-अपने उद्बोधन में संगठन का पक्ष रखा और व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
जिला मंत्री एल.पी. शुक्ला ने कार्यक्रम का संचालन किया।
जिलाधिकारी प्रतिनिधि ने लिया ज्ञापन
Sonbhadra Labour Code Protest के अंत में जिला अधिकारी सोनभद्र के प्रतिनिधि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और संगठन की ओर से प्रस्तुत ज्ञापन प्राप्त किया।
सभा अध्यक्ष दसाराम यादव ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलतापूर्वक समाप्ति की घोषणा की।

