हमीरपुर; कर्ज लेकर की बेटियों की शादी, फिर फांसी पर झूल कर दी जान
नेहा वर्मा, संपादक।
हमीरपुर जनपद में जरिया थाने के पहरा गांव में बेटियों की शादी के लिए उठाया गया कर्ज मजदूर अमर सिंह चुकता नहीं कर पाया। मजदूरी से सिर्फ पेट भरने की ही जुगाड़ हो पाती थी। सिर पर बढ़ता कर्ज का बोझ वह बर्दास्त नहीं कर पाया। शुक्रवार सुबह पशु बाड़े में पहुंच कर फांसी लगा ली। जब तक परिजनों को जानकारी हुई उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
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जरिया थाना क्षेत्र के पहरा गांव निवासी गौरी शंकर ने बताया उनके चाचा अमरसिंह (55) पुत्र हरदयाल अनुरागी मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते है। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी पुत्रियां जय देवी और राजेश कुमारी की शादी की थी। बेटियों के हाथ पीले करने के लिए उनके पास पैसों की व्यवस्था नहीं थी। जिसके चलते साहूकारों से करीब डेढ़ लाख रुपए कर्ज लिया था। मजदूरी में परिवार का गुजारा करना ही मुश्किल था। ऐसे में वह कर्ज कहाँ से चुकता कर पाते।
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कर्ज के बोझ से अमर सिंह परेशान रहने लगे। वहीं समय बीतने के साथ ही साहूकार अपने कर्ज की वसूली के लिए दबाव बनाने लगे। कर्ज चुकता न होने व साहूकारों के बढ़ते दबाव से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। शुक्रवार सुबह उन्होंने पशुबाड़े में तौलिया का फंदा बना कर फांसी लगा ली। इस घटना का उनके परिजनों को पता नहीं चला। कुछ समय बाद वहां से गुजर रहे गांव के ही गया राजपूत ने फांसी पर झूलते देख शोर मचाया। जब तक परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे उनकी मौत हो चुकी थी।

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